दो वयस्कों के विवाह के बाद कोई तीसरा पक्ष हस्तक्षेप नहीं कर सकता : सर्वोच्च न्यायालय

दिल्ली : एक स्पष्ट संदेश में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा है कि जब दो वयस्कों की शादी हो जाती है, तो कोई भी उन्हें हस्तक्षेप या परेशान नहीं कर सकता है। मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए.एम. की पीठ ने कहा, किसी भी तरह का भय पैदा करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। मुख्य न्यायाधीश मिश्रा ने कहा, चाहे वह माता-पिता हो या समाज के किसी भी  वयक्ति को इस में हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है ।

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